Sunday, September 12, 2021

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (National Council of Educational Research and Training- NCERT)

 राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद
(National Council of Educational Research and Training- NCERT

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) भारत में सर्वोच्च निकाय है जो स्कूल और शिक्षक शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए शैक्षणिक सहायता, नीति मार्गदर्शन और अनुसंधान प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है।

स्थापना - 1 अप्रैल, 1961 

NCERT   =   राष्ट्रीय बेसिक शिक्षा संस्थान (National Institute of Basic Education) + माध्यमिक शिक्षा प्रसार कार्यक्रम निदेशालय (Directorate of Secondary Education Expansion Programme) +  शैक्षिक एवं व्यावसायिक निर्देशन ब्यूरो (Educational and Vocational Guidance Beuro) + राष्ट्रीय श्रव्य-दृश्य साधन संस्थान (National Institute of Audio- Visual Aids) +  पाठ्यपुस्तक ब्यूरो (Text Book Beuro) ।

कार्यालय - श्री अरविन्द मार्ग, नई दिल्ली। 

क्षेत्रीय कार्यालय -    17    

अध्यक्ष - धर्मेंद्र प्रधान ( शिक्षा मंत्री ) 

निदेशक - डॉ. श्रीधर श्रीवास्तव

क्षेत्र के मुख्य अधिकारी - क्षेत्रीय सलाहकार  (Field Advisor) 

वर्तमान में इसका संगठन निम्नांकित तीन स्तरों में है— 

1. सामान्य निकाय (General Body)-  

जिसके अध्यक्ष केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मन्त्री होते हैं। सदस्यों में सभी राज्यों के शिक्षा मन्त्री और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के चेयरमैन मुख्य हैं। इनके अतिरिक्त कुछ सदस्य केन्द्रीय सरकार द्वारा मनोनीत किए जाते हैं। 

2. कार्यकारिणी समिति (Executive Committee) - 

इसके अध्यक्ष केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मन्त्री और उपाध्यक्ष (Vice Chairman) केन्द्रीय शिक्षा राज्य मन्त्री होते हैं। सदस्यों में केन्द्रीय शिक्षा सचिव, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के चेयरमैन और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक मुख्य हैं। मनोनीत सदस्यों में चार शिक्षक प्रतिनिधि और दो शिक्षाविद होते हैं

3. परिषद (Council) – 

इसके सर्वोच्च अधिकारी को निदेशक कहते हैं। इसकी नियुक्ति केन्द्रीय सरकार द्वारा की जाती है और इसका कार्यकाल 5 वर्ष होता है। परिषद के विभिन्न कार्यों का सम्पादन करने के लिए अकादमिक स्टाफ है और उनको सहायता के लिए कार्यालय स्टाफ है।


मुख्य उद्देश्य (Main Objectives)

  • विद्यालय एवं शिक्षक शिक्षा से संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान करना, उसमें सहायता प्रदान करना और समन्वय करना।
  • छात्रों एवं शिक्षकों के लिए आदर्श पाठ्यपुस्तकें, पूरक सामग्री और शिक्षण संसाधन विकसित एवं प्रकाशित करना।
  • विभिन्न स्तरों - पूर्व-प्राथमिक, प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक में शिक्षकों और शिक्षक प्रशिक्षकों के लिए सेवा-पूर्व और सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।
  • नवीन शिक्षण एवं मूल्यांकन तकनीकों और शैक्षिक प्रौद्योगिकियों का विकास एवं प्रसार करना।
  • विद्यालय शिक्षा में सुधार के लिए राज्य शैक्षिक निकायों, विश्वविद्यालयों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग करना।

उद्देश्य एवं कार्य (Aims and Functions)


  • स्कूली शिक्षा के विभिन्न स्तरों का स्वरूप एवं उनके स्तरमान को निर्धारित करना। 
  • स्कूली शिक्षा के विभिन्न स्तरों के उद्देश्य निश्चित करना और उनके लिए पाठ्यचर्या का निर्माण करना।
  • स्कूली शिक्षा के विभिन्न स्तरों के लिए पाठ्य पुस्तकों का निर्माण करना।
  • स्कूली शिक्षा के विभिन्न स्तरों के लिए शिक्षण विधियों का विकास करना।
  • स्कूली शिक्षा के विभिन्न स्तरों के छात्रों की शैक्षिक उपलब्धियों के मूल्यांकन को वस्तुनिष्ठ तकनीकी का विकास करना। 
  • स्कूली शिक्षा के विभिन्न स्तरों की समस्याओं को समझना और उनके समाधान खोजना।
  • प्रतिभा खोज परीक्षा और जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा का सम्पादन करना।
  • प्रौढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग प्रदान करना।
  • राष्ट्रीय पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग प्रदान करना।
  • स्कूली शिक्षा, जनसंख्या शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा, प्रौढ़ शिक्षा एवं शिक्षक शिक्षा संबंधित पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन एवं प्रकाशन करना।
  • स्कूली शिक्षा और शिक्षक शिक्षा से सम्बन्धित सूचनाएँ एवं आँकड़े एकत्रित करना और उनको प्रकाशित एवं प्रसारित करना ।

संस्थायें (Institutions)

  • राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान (NIE), नई दिल्ली - इसका मुख्य कार्य शिक्षण- प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संगोष्ठियों एवं कार्यशालाओं का आयोजन करना तथा स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में शोधकार्य करना।
  • केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET), नई दिल्ली -  शिक्षण सामग्री, शैक्षिक तकनीकी, शैक्षिक दूरदर्शन एवं शैक्षिक रेडियो के लिए सॉफ्टवेयर  तैयार करना  एवं प्रसारण करना। 
  • पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (PSSCIVE), भोपाल - 10+2 पर  व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का स्वरूप का निर्धारण करना एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों  के शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।
  1. क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (RIE), अजमेर
  2. क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (RIE), भोपाल
  3. क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (RIE), भुवनेश्वर
  4. क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (RIE), मैसूर
  5. उत्तर-पूर्व क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (NERIE), शिलांग

क्षेत्रीय शिक्षण संस्थानों का मुख्य कार्य 2 वर्षीय बी०एड०, 4 वर्षीय बी०ए०बी०एड०, बी०एस सी०बी०एड० एवं एम०एड० पाठ्यक्रम चलना, सेवारत शिक्षकों के लिए रिफ्रेशर कोर्स चलाना। 

NCERT के विभाग- 

Departments

  • Department of Education in Arts and Aesthetics (DEAA)
  • Department of Elementary Education (DEE)
  • Department of Education of Groups with Special Needs (DEGSN)
  • Department of Educational Psychology and Foundations of Education (DEPFE)
  • Department of Education in Science and Mathematics (DESM)
  • Department of Education in Social Sciences (DESS)
  • Department of Education in Languages (DEL)
  • Department of Gender Studies (DGS)
  • Department of Teacher Education (DTE)
  • Department of Curriculum Studies (DCS)

Divisions

  • Publication Division (PD)
  • Library And Documentation Division (LDD)
  • International Relation Division (IRD)
  • Planning and Monitoring Division (PMD)
  • Division of Educational Research (DER)
  • Educational Survey Division (ESD)
  • Division of Educational Kits (DEK)

Cells

  • Hindi Cell






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