मनोविज्ञान का अर्थ
(Meaning of Psychology)
मनोविज्ञान को सामान्यतः मन (Mind) और मानसिक क्रियाओं (Mental Activities) का विज्ञान माना जाता है परन्तु वास्तव में इसका अर्थ इससे कुछ भिन्न है और कुछ अधिक है। वर्तमान में मनोविज्ञान से तात्पर्य एक ऐसे विधायक विज्ञान से है जिसमें मनुष्य एवं पशु-पक्षियों के शारीरिक एवं मानसिक व्यवहारों के कारक (Factor), प्रेरक (Motive) एवं नियन्त्रक (Controller) तत्त्वों का अध्ययन किया जाता है।
भारतीय वेद संसार के प्राचीनतम् ग्रन्थ हैं। इनमें मनुष्य के व्यवहार (शारीरिक एवं मानसिक) के कारक (Factor), प्रेरक (Drive) एवं नियन्त्रक (Controller) तत्त्वों से सम्बन्धित अथाह सामग्री उपलब्ध है परन्तु वह सब क्रमिक (Systematic) ढंग से नही है। इसको व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास सर्वप्रथम हमारे उपनिषदकारों ने किया। उन्होंने मनुष्य के व्यवहार की व्याख्या उसके प्रथम चार कोषों (अन्नमय, प्राणमय, मनोमय और विज्ञानमय) के आधार पर की है। अन्नमय कोश में मनुष्य की ज्ञानेन्द्रियाँ (Sense organs) एवं कर्मेन्द्रियाँ (sensory organs) आती हैं, प्राणमय कोष में उसकी शारीरिक क्षमता एवं प्राण शाक्ति (Physical ability and vital energy) आती है, मनोमय कोश में मन (Mind) आता है और विज्ञानमय कोश में बुद्धि (Intelligence) आती है। इस कार्य को आगे बढ़ाने का का श्रेय हमारे भारतीय पट्दर्शनकारों को जाता है । जिन्होंने समय - समय पर इस पर अपने विचार प्रस्तुत किये। भारतीय षट्दर्शनों (न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, वेदान्त और मीमांसा Nyaya, Vaisheshika, Samkhya, Yoga, Vedanta and Mimamsa) में मनुष्य के व्यवहार के कारक, प्रेरक एवं नियन्त्रक तत्त्वों की विस्तार से व्याख्या की गयी है।
20 वीं शताब्दी में भारत मे पाश्चत्य मनोविज्ञान (Western psychology) के अध्ययन की शुरुआत हुई। 1916 डा0 एन0एन0 सेन ने कलकत्ता विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना की। इसी प्रकार की दूसरी प्रयोगशाला मैसूर विश्वविद्यालय में डॉ० एम० वीo गोपालास्वामी ने स्थापित की। इसके बाद भारत के अन्य विश्वविद्यालयों में भी पाश्चात्य मनोविज्ञान (Western psychology) का अध्ययन धीरे-धीरे प्रारम्भ हुआ और इस क्षेत्र में वैज्ञानिक विधि से शोध कार्य भी शुरू होने लग गए।
मनोविज्ञान की परिभाषाएं
(Definitions of Psychology)
विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने अपने अनुसार अलग - अलग परिभाषाएं दी हैं-
- वाटसन के अनुसार- मनोविज्ञान, व्यवहार का धनात्मक विज्ञान है। (Psychology is the positive science of behaviour. - Watson)
- वुडवर्थ के अनुसार- मनोविज्ञान, वातावरण के सम्पर्क में होने वाले मानव व्यवहारों का विज्ञान है।(Psychology is the science of human behavior in contact with the environment.- Woodworth)
- सबसे पहले मनोविज्ञान ने आत्मा का त्याग किया, फिर अपने मन को छोड़ा, इसके पश्चात अपनी चेतना का त्याग किया और अब उसके पास एक प्रकार का व्यवहार है।
- क्रो एण्ड क्रो के अनुसार- मनोविज्ञान मानव–व्यवहार और मानव सम्बन्धों का अध्ययन है। (Psychology is the study of human behavior and human relationships.-Crow and Crow)
- बोरिंग के अनुसार- मनोविज्ञान मानव प्रकृति का अध्ययन है। (Psychology is the study of human nature.- Boring)
- स्किनर के अनुसार- मनोविज्ञान, व्यवहार और अनुभव का विज्ञान है। (Psychology is the science of behavior and experience.- Skinner)
- गैरिसन व अन्य के अनुसार- मनोविज्ञान का सम्बन्ध प्रत्यक्ष मानव – व्यवहार से है। (Psychology is directly related to human behavior.- Garrison and Other)
- गार्डनर मर्फी के अनुसार- मनोविज्ञान वह विज्ञान है, जो जीवित व्यक्तियों का उनके वातावरण के प्रति अनुक्रियाओं का अध्ययन करता है। (Psychology is the science that studies the responses of living people to their environment. - Gardner Murphy)
- कॉलेसनिक के अनुसार - "मनोविज्ञान मानव व्यवहार का विज्ञान है।" (Psychology is the the science of human behaviour. -Kolesnic)
- फ्रायड एवं जुंग के अनुसार- मनोविज्ञान चेतन तथा अचेतन मन का विज्ञान है। (Psychology is the science of the conscious and unconscious mind. - Freud & Jung)
- जेम्स ड्रेवर के शब्दों में - मनोविज्ञान वह विधायक विज्ञान है जो मनुष्य एवं पशुओं के उस व्यवहार का अध्ययन करता है जो उनके अंतर्जगत के मनोभावों और विचारों की अभिव्यक्ति करता है। (Psychology is that methodological science that studies the behavior of humans and animals which expresses their feelings and thoughts within them.- James Drever)
मनोविज्ञान की प्रकृति(Nature of Psychology)
- मनोविज्ञान मनुष्य एवं पशु-पक्षियों के व्यवहार का विज्ञान है।
- इसमें मनुष्य एवं पशु-पक्षियों के बाह्य (शारीरिक) एवं आन्तरिक (मानसिक) दोनों प्रकार के व्यवहार का अध्ययन किया जाता हैं।
- इसमें मनुष्य एवं पशु-पक्षियों के व्यवहार के जन्मजात एवं पर्यावरणीय (Congenital and environmental), दोनों प्रकार कारक , प्रेरक एवं नियंत्रक तत्त्वों का अध्ययन किया जाता है।
- मनोविज्ञान द्वारा मनुष्यों एवं पशु-पक्षियों के व्यवहार को समझा जाता है, उनके व्यवहार को नियन्त्रित एवं परिवर्तित किया जाता है और उनके व्यवहार के बारे में भविष्यवाणी की जाती है।
- मनोविज्ञान द्वारा मनुष्य एवं पशु-पक्षियों के व्यवहार से सम्बन्धित नई-नई समस्याओं का समाधान किया जाता है।
- यह एक विधायक विज्ञान (Legislative Science) है; इसके द्वारा खोजे एवं स्थापित किये गये सिद्धान्त एवं नियम वस्तुनिष्ठ, सार्वभौमिक एवं प्रामाणिक (Objective, universal and authentic) होते हैं, उन्हें प्रयोगों के द्वारा देखा-परखा और सिद्ध किया जा सकता है।
- यह विधायक विज्ञान होते हुए भी पूर्ण रूप से शुद्ध विज्ञान नहीं है, यह निकटतम् शुद्ध विज्ञान है।

