Tuesday, March 29, 2022

मनोवैज्ञानिक परीक्षण के चरण (Steps of Psychological Test)

मनोवैज्ञानिक परीक्षण के चरण (Steps of Psychological Test/Experiment)

  1. समस्या (Problem)/उद्देश्य (Objective)
  2. परीक्षण परिचय (Introduction)
  3. परिकल्पना (Hypothesis)
  4. चर (Variable)- (a) स्वतंत्र चर (Indipendent variable) (b) आश्रित चर (Dependent Variable)
  5. सामग्री (Tools)
  6. प्रतिदर्श/प्रयोज्य परिचय (Sample)
  7. नियन्त्रण (Control)
  8. निर्देश (Instructions)
  9. परीक्षण प्रक्रिया (Procedure)
  10. प्रदत्त संग्रह एवं परिणाम (Data Analysis/Result)
  11. व्याख्या एवं निष्कर्ष (Discussion and Conclusion)
  12. संदर्भ (Refernce)

Monday, March 28, 2022

संवेगात्मक बुद्धि (Emotional Intelligence)

 संवेगात्मक बुद्धि (Emotional Intelligence)


संवेगात्मक बुद्धि की सर्वप्रथम अवधारणा - जॉन मेयर एवं पीटर सेलोवी 1990 ई० में अमेरिका में दी थी। 
पुस्तक - What is E.I.
सफलता में योगदान - 80% Emotional Intelligence & 20% Intelligence Qoutient (IQ)
संवेगात्मक बुद्धि के प्रतिपादक - डैनियल गोलेमैन (1995 अमेरिका), पुस्तक- E.Q. - Why it better than I.Q.

मनोवैज्ञानिकों ने व्यक्ति की ज्ञानात्मक (Cognitive) बुद्धि के स्वरूप को जानने के लिए 19वीं शताब्दी के प्रारम्भ में ही प्रयास जारी कर दिये थे तथा इसके मापन हेतु विभिन्न परीक्षणों तथा बुद्धि-लब्धि की अवधारणा का प्रतिपादन किया। थार्नडाइक ने सामाजिक बुद्धि (Social Intelligence) को बुद्धि घटक (Component) के रूप में महत्त्वपूर्ण स्थान दिया। इसके बाद 1983 में हावर्ड गार्डनर ने अपने बहु-बुद्धि सिद्धान्त में अन्तर्वैयक्तिक तथा अन्तः वैयक्तिक बुद्धि (Interpersonal and Intra-personal Intelligence) का उल्लेख किया। बुद्धि के ये कारक, व्यक्ति को अपने तथा दूसरे के भावों को समझने एवं अन्य व्यक्तियों से उनकी संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए अन्तःक्रिया करने के लिए नियन्त्रित तथा निर्देशित करते हैं। धीरे-धीरे संवेगों से सम्बन्धित बुद्धि की अवधारणा ने संवेगात्मक बुद्धि के स्वतन्त्र अस्तित्व को जन्म दिया। अब तो स्थिति यहाँ तक आ पहुँची है कि व्यावहारिक जीवन की सफलता में बुद्धि की अपेक्षा संवेगात्मक बुद्धि को अधिक महत्वपूर्ण माना जाने लगा है। 19वीं
 सदी के 80 के दशक में पीटर सैलोवे तथा जान मेयर ने संवेगात्मक बुद्धि को परिभाषित किया। उनके अनुसार बुद्धि एक सीमा तक सामाजिक बुद्धि (Social Intelligence) का ही अनुवर्ग (Section) है जिसके द्वारा व्यक्ति अपनी तथा दूसरों की भावनाओं एवं संवेगों को जानने, समझने तथा परिस्थिति के अनुसार विचार करके व्यवहार को निर्देशित एवं संचालित करने में सक्षम होता है। सैलोवे के बाद 1995 में डेनियल गोलमैन ने इमोशनल इन्टेलिजेंस (Emotional Intelligence) नामक पुस्तक लिखकर मनोवैज्ञानिकों को संवेगात्मक बुद्धि के विषय में गम्भीरता से अध्ययन करने के प्रेरित किया।

संवेगात्मक बुद्धि का अर्थ (Meaning of Emotional Intelligence)

संवेगात्मक बुद्धि दो प्रत्ययों से मिलकर बना है संवेग और बुद्धि। संवेग का अर्थ है उद्वेलन की अवस्था (state of excitement) वं बुद्धि का अर्थ है विवेकपूर्ण चिन्तन की योग्यता (ability to think rationally)। इस प्रकार संवेगात्मक बुद्धि एक आन्तरिक योग्यता होती है जिसके द्वारा व्यक्ति में संवेगों को महसूस करने, समझने एवं उनका प्रभावपूर्ण नियन्त्रण करने की क्षमता का विकास होता है। दूसरे शब्दों में, संवेगात्मक बुद्धि (Emotinal Intelligence) स्वयं की एवं दूसरों की भावनाओं अथवा संवेगों को समझने, व्यक्त करने और नियंत्रित करने की योग्यता है। 

अपनी भावनाओं, संवेगों को समझना उनका उचित तरह से प्रबंधन करना ही भावनात्मक समझ है। व्यक्ति अपनी 'भावनात्मक समझ ' का उपयोग कर सामने वाले व्यक्ति से ज्यादा अच्छी तरह से संवाद कर सकता है और ज्यादा बेहतर परिणाम पा सकता है।

गोलमैन के अनुसार - संवेगात्मक बुद्धि व्यक्ति के स्वयं  एवं दूसरों के संवेगों को पहचानने की वह क्षमता है जो हमें अभिप्रेरित कर सकने और हमारे संवेगों को स्वयं में और अपने संबंधों में पाए जाने वाले संवेगों का  भली प्रकार से प्रबंधन  करते हैं। (Emotional intelligence is the ability to recognize one's self and the emotions of others that can motivate us and manage our emotions well within ourselves and in our relationships.- Goleman)

सैलोवे एवं मैयर के अनुसार - संवेगात्मक बुद्धि, संवेगों का प्रत्यक्षीकरण करने, उन्हें समझने, उसका प्रबन्धन करने एवं उन्हें प्रयोग में लाने की योग्यता है। (Emotional intelligence is the ability to perceive, understand, manage and use emotions.- Sailove & Mayer)

बार के अनुसार- संवेगात्मक बुद्धि व्यक्ति की वह अन्तःवैयक्तिक योग्यता है जिसके द्वारा वह अपनी शक्ति तथा कमजोरियों को जानने और स्वयं की भावनाओं और विचारों को बिना नुकसान पहुँचाये व्यक्त करने में स्वयं को सदैव जागरूक रखती है। (Emotional intelligence is that one's intrapersonal ability to be aware of oneself to understand one's strength and weakness and to express one's feelings and thoughts non-destructively- Bar)

बेरन के अनुसार- "संवेगात्मक बुद्धि व्यक्ति की सामर्थ्य, योग्यता और भावात्मक पक्ष की वह श्रृंखला है जो जीवन में अनुभव किए जाने वाली मांग एवं दवावों से संघर्ष करने की क्षमता को प्रभावित करती है।" (Emotional Intelligence is a series of competency, capability and effective domain which affect the ability to succeed in fighting with the demand and various pressure forms. - Baron)

संवेगात्मक बुद्धि-

  • स्वयं को समझना, स्वयं के उद्देश्य, अनुक्रियाओं, भावनाओं और व्यवहार आदि को समझना।
  • दूसरे व्यक्तियों की भावनाएँ तथा संवेगों को समझना।
  • स्वयं की तथा दूसरों की भावनाओं तथा संवेगों को समझकर उनका इस प्रकार व्यवस्थापन करना कि उनकी अभिव्यक्ति में स्वयं का कोई नुकसान न हो और दूसरों को भी प्रभावित करें।


Tuesday, March 22, 2022

व्यवहार का अर्थ (Meaning of Behaviour)

 व्यवहार का अर्थ (Meaning of Behaviour)

 


व्यवहार (Behaviour) का प्रचलन जे. बी. वाटसन द्वारा किया गया। वाटसन (Watson) के अनुसार व्यवहार एक क्रिया (Action) है जिसे वस्तुगत रूप से देखा और अवलोकित किया जा सकता है। सभी प्राणी व्यवहार करते हैं, अतः मनुष्यों के अतिरिक्त पशुओं के व्यवहार का भी अध्ययन मनोविज्ञान में किया जाता है। जेम्स ड्रेवर ने लिखा है कि मानव या पशुओं के जीवन में उपस्थित होने वाली परिस्थितियों के प्रति उनकी प्रतिक्रियाओं (reactions) का समग्र रूप ही व्यवहार है।


साधारण अर्थ में व्यवहार किसी उत्तेजना (Stimulus) के फलस्वरूप अनुक्रिया (Response) होती है। व्यवहारवादियों का मत है कि बाह्य व्यवहार स्वतंत्र उत्तेजक (Independent Stimulus) और प्रतिक्रिया सम्बन्धों (Response Connections) की जटिल प्रणाली पर आधारित है। इनके अनुसार मानसिक क्रिया केवल बाहय उत्तेजना की अनुक्रिया मात्र है। व्यवहारवादियों ने इस तथ्य को निम्नलिखित सूत्र के रूप में व्यक्त किया है-


उत्तेजक (Stimulus) → प्राणी(Organism) → अनुक्रिया (Response)


व्यवहार शब्द के व्यापक अर्थ तथा पूर्ण स्वरूप के संदर्भ में निम्न प्रकार से व्याख्या की जा सकती है-

  • वुडवर्थ (Woodworth, 1945) के अनुसार, "जीवन की कोई भी अभिव्यक्ति एक क्रिया है।" ("Any manifestation of life is activity.") और ऐसी सभी क्रियाओं के सम्मिलित रूप को व्यवहार की संज्ञा दी जा सकती है। इसलिए व्यवहार शब्द में केवल चलना, तैरना, नाचना आदि इन्द्रियजनित क्रियाएँ (Sensory activities) ही नहीं बल्कि सोचना, विचारना, कल्पना करना (Thinking, contemplating, imagining) आदि मस्तिष्क सम्बन्धी और प्रसन्न होना, उदास होना, क्रोधित होना आदि भाव और अनुभूति सम्बन्धी क्रियाएँ (cognitive activities) भी शामिल हैं।

  • मानव मस्तिष्क का चेतन (Conscious) ही नहीं बल्कि अचेतन (unconscious)और अर्धचेतन (sub-conscious) रूप भी मानव व्यवहार को प्रभावित करता है। अतः व्यवहार शब्द का क्षेत्र, प्रत्यक्ष रूप में दिखाई देने वाले ऊपरी व्यवहार तक ही सीमित नहीं है। आंतरिक अनुभवों और मानसिक प्रक्रियाओं (Internal experiences and mental processes) से युक्त अप्रत्यक्ष (unobserved) एवं आंतरिक व्यवहार भी इसमें शामिल हैं।
  • मनोविज्ञान में समस्त जीवधारियों (Organisms) के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। इसलिए व्यवहार शब्द में केवल मानव व्यवहार ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों तथा वनस्पति वर्ग (Animals, birds and plant kingdom) तक के व्यवहार को शामिल किया जाता है। मानव समाज में भी केवल सामान्य व्यक्तियों का नहीं बल्कि असामान्य और बच्चों, युवकों तथा प्रौढ़ों, सभी का व्यवहार 'व्यवहार' शब्द में शामिल है।

इस प्रकार से 'व्यवहार' शब्द अपने आप में बहुत व्यापक है। इसमें जीवधारियों की सभी प्रकार की जीवन सम्बन्धी क्रियाएँ सम्मिलित हैं। मुख्यतः दो प्रकार का व्यवहार होता है -


  • जन्मजात / प्राकृतिक व्यवहार (Innate/Natural behavior): जो जन्म से ही मौजूद हों, जिनके लिए अलग से सीखने या प्रशिक्षण की ज़रूरत न हो, जैसे रोना, भूख लगने पर प्रतिक्रिया, डर लगना आदि। ​
  • शिक्षित / अर्जित व्यवहार (Learned/Acquired behavior): जो व्यक्ति अभ्यास, अनुभव, शिक्षा और प्रशिक्षण से सीखता (learns through practice, experience, education and training) है, जैसे भाषा‑व्यवहार, सामाजिक शिष्टाचार, पढ़ाई की आदतें, व्यावसायिक कौशल आदि (Such as language behavior, social etiquette, study habits, professional skills etc.)


प्रभावित करने वाले कारक (Factors Influencing Behavior)

शैक्षिक मनोविज्ञान की विधियाँ (Methods of Educational Psychology)

 शैक्षिक मनोविज्ञान की विधियाँ (Methods of Educational Psychology) शैक्षिक मनोविज्ञान में विद्यार्थियों के व्यवहार (Behaviour), सीखने की प्र...